दूसरों से जलने वालों के साथ ये होता है 🥺 Gautam Buddha Story | Buddha Moral Story | Buddha Life Lesson

By | February 11, 2022

बुद्ध अपने प्रवचनों में उनके शिष्यों को बहुत सी कथाएं सुनाते थे | यह कथा भी उन्हीं में से एक है |

 

 

कभी किसी काल में किसी नगर में राम और श्याम नाम के दो धनी व्यापारी रहते थे | वह दोनों ही अपने धन और वैभव का बड़ा ही प्रदर्शन करते रहते थे |

 

 

एक दिन राम अपने मित्र श्याम के घर उससे भेंट करने के लिए गया | राम ने देखा कि श्याम का घर बहुत ही विशाल और तीन मंजिला था |

 

 

2500 साल पहले तीन मंजिला घर होना बड़ी बात थी और उसे बनाने के लिए बहुत धन, कुशल वास्तुकार की आवश्यकता होती थी | राम ने यह भी देखा कि नगर के सारे निवासी श्याम के घर को बड़े विस्मयसे देखते थे और उसकी बड़ी बड़ाई करते थे |

 

 

अपने घर वापसी पर राम बड़ा उदास था कि श्याम के घर ने सभी का ध्यान खींच लिया था | उसने सभी वास्तुकार को बुलाया जिसने श्याम का घर बनाया था उसने वास्तुकार से श्याम के जैसा ही तीन मंजिला घर बनाने को कहा |

 

 

वास्तुकार ने इस काम के लिए हामी भर दी और काम शुरू कर दिया | कुछ दिनों बाद राम काम का मुआयना करने के लिए निर्माण स्थल पर गया जब उसने नींव खोदे जाने के लिए मजदूरों को गहरा खड्डा खोदते देखा तो वास्तुकार को बुलाया और पूछा कि इतना गहरा गड्ढा क्यों खुदा जा रहा है ?

 

 

वास्तुकार ने कहा ” मैं आपके बताये अनुसार तीन मंजिला घर बनाने के लिए काम कर रहा हूं इसके लिए मुझे सबसे पहले मजबूत नींव बनाना पड़ेगा फिर क्रमशः पहली मंजिल, दूसरी मंजिल और तीसरी मंजिल बनाऊंगाा |

 

 

इस पर राम ने कहा ” मुझे इस सब से कोई मतलब नहीं है तुम सीधे ही तीसरी मंजिल बनाओ और उतनी ही ऊंची मंजिल बनाओ जितनी ऊँची तुमने श्याम के लिए बनाई थी नीव की और बाकी मंजिलों की परवाह मत करो |”

 

 

वास्तुकार ने कहा ” ऐसा तो कभी नहीं हो सकता ”

 

 

ठीक है यदि तुम इसे नहीं करोगे तो मैं इसे किसी और से करा लूंगा राम ने नाराज होकर कहा |

 

 

उस नगर में कोई भी वास्तुकार नींव के बिना वह घर नहीं बना सकता था परिणामस्वरूप वह घर कभी नहीं बन पाया |

 

 

आशय है कि किसी भी बड़े कार्य को संपन्न करने के लिए उसकी नींव सबसे मजबूत होनी चाहिए एवं कार्य को पूरे योजनाबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए |”

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