आप इसलिए दुखी रहते हो | इसे सुनो अब कभी उदास नहीं बैठोगे | Best Motivational Video in Hindi

By | February 14, 2022

बहुत समय पहले की बात है गंगा नदी के किनारे एक पीपल का पेड़ था | पहाड़ों से उतरती गंगा अपने पूरे वेग से बह रही थी कि अचानक पेड़ से दो पत्ते नदी में आकर गिर गए | एक पत्ता तिरछा गिरा और दूसरा सीधा |

 

 

जो पत्ता तिरछा गिरा था वो ज़िद पर अड़ गया | कहने लगा कि आज चाहे जो हो जाए नदी को रोककर ही दम लूंगा चाहे मेरे प्राणी क्यों ना चले जाएं मैं इसे आगे नहीं बढ़ने दूंगा |

 

 

वो पत्ता जोर – जोर से चिल्लाने लगा रुक जा गंगा, मैं तुझे आगे नहीं बढ़ने दूंगा |

 

 

पर नदी तो बहती ही जा रही थी | उसे तो पता भी नहीं था कि कोई पत्ता उसे रोकने का प्रयास कर रहा है | इधर पत्ते पर जान की बन आई थी | वो लगातार संघर्ष कर रहा था | वो नहीं जानता था कि बिना लड़े भी उसे वहीं पहुंचना है जहां थक कर हार कर पहुंचेगा | परंतु अब और तब के बीच का समय उसके लिए दुख और संताप का कारण बन चुका था |

 

 

वहीँ दूसरा पत्ता जो सीधा गिरा था, वो तो नदी के प्रवाह के साथ बड़े मजे से बहता जा रहा था और कह रहा था कि चल गंगा आज मैं तुझे तेरी मंजिल तक पहुचाऊँगा चाहे जो हो जाए मैं तेरे मार्ग में कोई अवरोध नहीं आने दूंगा |

 

 

नदी को इस पत्ते का भी कुछ पता नहीं था | वो तो अपने धुन में सागर की ओर बहती जा रही थी | लेकिन पत्ता खुश था, आनंदित था क्योंकि उसे तो लग रहा था कि वही नदी को अपने साथ बहाए ले जा रहा है |

 

 

तिरछे पत्ते की तरह ही वह सीधा पत्ता भी नहीं जानता था कि चाहे वो नदी का साथ दें या ना दें नदी तो वहीं पहुंचेगी जहां उसे जाना है |

 

पर अब और तबके बीच का समय उसके लिए आनंद का समय बन चुका था |

 

जो पत्ता नदी से लड़ रहा था उसकी जीत का कोई उपाय नहीं था और जो पत्ता नदी के साथ बहा जा रहा था उसकी हार का कोई उपाय नहीं था |

 

यह कहानी हमें सिखाती है कि जिस दिन हम लड़ना छोड़ देते हैं उस दिन से हम जीना शुरू कर देते हैं अब लड़ना छोड़ देने का अर्थ या नहीं है कि आप सपने ना देखें, संघर्ष ना करें |

 

लड़ना छोड़ देने से आशय है कि आप उन चीजों को बदलने की कोशिश ना करें जो आपके हाथ में नहीं है यही खुश रहने का मूल मंत्र है |

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