नॉनवेज खाने वाले ज़रूर देखें 🍗🐔 Buddha Moral Story in hindi 🐔 Gautam Buddha Story | Buddhism Story

By | March 5, 2022

एक दिन दोपहर के समय राजकुमार सिद्धार्थ वन में तपस्या कर रहे थे | उसी वन में एक गड़रिया भेड़ – बकरियों को मारता पीटता हुआ वहां से गुजर रहा था |

 

 

भेड़ों की दशा देखकर सिद्धार्थ ने गड़रिये से पूछा : भाई, तुम इन बेजुबान प्राणियों को इतनी बुरी तरीके से मारते हुए कहां ले जा रहे हो ?

 

 

गडरिया बोला – आज राजा बिंबिसार के महल में एक बहुत बड़ा यज्ञ हो रहा है वहां इन सब की बलि दी जानी है | मुझे वहां ठीक समय पर पहुंचना है इसलिए मैं इन्हें लेकर राजा के महल जा रहा हूं |

 

 

इतना कहकर गड़रिया फिर भेड़ों को पीटता हुआ आगे बढ़ गया | सिद्धार्थ जी उसके पीछे-पीछे राजा के महल पहुंच गए |

 

 

जैसे ही बधिक ने बलि देने के लिए तलवार उठाई दूर से आवाज आई…

 

 

ठहरो….!! हिंसा मत करो

 

 

सब लोग साधु वेशधारी सिद्धार्थ को आश्चर्य से देखने लगे | सिद्धार्थ राजा के पास आकर बोले राजन, यह कैसा यज्ञ है? जिसमें मूक पशुओं का वध किया जा रहा है |

 

 

इस यज्ञ के देवता कैसे हैं ? जो निर्देश जानवरों के खून से ही प्रसन्न होते हैं ? खून पीकर ना तो देवता प्रसन्न होते हैं और ना ही मनुष्य को मोक्ष मिलता है | उल्टा वो पाप का भागीदार बन जाता है |

 

 

दीन दुखियों की निस्वार्थ सेवा, अहिंसा तथा धर्म ही मनुष्य के मोक्ष का द्वार है |

 

 

सिद्धार्थ की बात का राजा पर गहरा प्रभाव पड़ा | उसने तुरंत सभी भेड़ – बकरियों को स्वतंत्र करा दिया |

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