पहली बार जब बुद्ध खुद हैरान हुए | Buddha MoraL Story in Hindi | Buddha Story Hindi | Buddhism Story

By | March 5, 2022

एक व्यक्ति बाण बनाने की कला में अत्यंत निपुण था | उसके बनाए हुए vaadon को जो भी देखता उसके मुंह से बार बार बस वाह निकल पढ़ती थी |

 

 

एक दिन जब वो बाण बनाले में तल्लीन था तभी उसकी कर्मशाला के आगे से धूमधाम के साथ एक संपन्न व्यक्ति की बारात निकली |

 

 

अपने काम में इतना तल्लीन था कि बारात की ओर उसका ध्यान ही नहीं गया | थोड़ी देर बाद कर्मशाला के सामने से भगवान बुद्ध निकले |

 

 

तब तक वो अपना काम कर चुका था | बुद्ध ने पूछा बंधू, आप के बगल से एक धनी व्यक्ति की बारात गई थी उसे गए कितना समय बीत गया ?

 

 

भंते मुझे क्षमा कीजिएगा मैं बाण बनाने में जुटा था इसलिए बारात को नहीं देख पाया | यह सुनकर बुद्ध चौके और बोले :

 

 

भाई जब आप यहां उपस्थित थे तो ढोल ताशों का शोर आपने तो सुना ही होगा ?

 

 

भंते मेरा धंधा ही मेरे लिए प्रभु पूजा और सब कुछ है | मैं जब अपने काम में जुटता हूं फिर मुझे अपने शरीर की सुध भी नहीं रहती |

 

 

उसकी बात सुनकर बुद्ध बहुत प्रसन्न हुए और बोले : तुम ही सच्चे कर्म योगी हो तुम्हें भविष्य में कभी किसी भी समस्या से हारना नहीं पड़ेगा | तुम डटकर उसके सामने खड़े रहोगे |

 

 

दोस्तों यह कहानी आपको कैसी लगी अपनी राय हमें कमेंट में जरूर दीजिएगा यह वीडियो देखने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद | आपका दिन शुभ हो |

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