बिगड़े बच्चों को ऐसे सुधारते हैं || गौतम बुद्ध ने केवल 2 मिनट में ये चमत्कार कर दिया || Buddhism Story in Hindi

By | February 4, 2022

किसी नगर में एक दुकानदार था | उसकी कपड़े की एक दुकान थी | वह बड़ा ही ईमानदार था और अपने ग्राहकों के साथ उसका बड़ा अच्छा व्यवहार रहता था | इसलिए उसकी दुकान खूब चलती भी थी |

 

 

 

लेकिन अचानक दुकानदार के सामने एक कठिनाई आ गई जो उसका छोटा लड़का उसके साथ दुकान पर बैठता था जाने कहां से उसको आदत पड़ गई कि दुकान पर जो भी खरीददार आता वह उसकी टोपी या पगड़ी उतार कर फेंक देता |

 

 

 

दुकानदार ने उसे बहुत समझाया, डराया धमकाया, मारा – पीटा लेकिन उसने अपनी आदत ना छोड़ी | धीरे-धीरे लोगों ने उसकी दुकान पर आना कम कर दिया |

 

 

दुकानदार बहुत ही परेशान हो गया कि अब वह क्या करे | लड़के की मां नहीं थी इसलिए घर पर अकेले उसे छोड़ भी नहीं सकता था |

 

 

 

संयोग से एक दिन उसकी दुकान के सामने से भगवान बुद्ध निकले | दुकानदार ने बुद्ध को अपनी परेशानी बताई “तथागत आप जैसे भी करें लेकिन इस लड़के को ठीक कर दीजिए मैं आपका बड़ा एहसान मानूंगा”

 

 

 

बुद्ध ने सारी बात सुनकर कहा मैं तुम्हारे लड़के को ठीक कर दूंगा लेकिन एक शर्त है | दुकानदार ने पूछा वह क्या महाराज..??

 

 

बुद्ध बोले “मैं या तुम्हारा बालक जो भी करे तुम उसमें रोक-टोक नहीं करोगे”

 

 

 

दुकानदार राजी हो गया |

 

 

 

अगले दिन बुद्ध अपने सिर पर एक साफा बांधकर उसकी दुकान पर आए | लड़का तो ताक में था ही | जैसे ही बुध बैठे ही थे कि वह लड़का उठा और उनका साफा उतारकर सड़क पर फेंक दिया | बुद्ध ने हंसकर कहा शाबाश बेटे |

 

 

 

उन्होंने उसे पुचकाराऔर कहा जरा दौड़ कर साफ़े को उठा तो लाना | लड़के ने छलांग लगाई और साफा उठाकर ले आया | बुद्ध ने कहा मेरे सिर पर इसे बाँध दो | लड़के ने उसे उल्टा सीधा करके सिर पर लपेट दिया |

 

 

 

दूसरे दिन बुद्ध उसकी दुकान पर आए उनके सिर पर साफा था | पर वह दुकान के सामने एक लकड़ी और छोटी कुल्हाड़ी डाल आए थे | दुकान पर आते ही उन्होंने लड़के को अपने पास बुलाया और कहा ” बेटे उस कुल्हाड़ी को उठाकर जरा लकड़ी के दो टुकड़े कर देना”

 

 

 

दुकानदार ने सुना तो वह बड़ा घबराया और कहने लगा कि महाराज आप यह क्या करवा रहे हो लड़का अपना पैर काट लेगा |

 

 

 

वह कुछ ना बोलने का वचन दे चुका था | लड़के ने कूदकर कुल्हाड़ी उठा ली और लकड़ी को काटने लगा | थोड़ी ही देर में थक कर लौट आया और बुद्ध के पास आकर बैठ गया | बुद्ध सात दिनों तक उससे कुछ ना कुछ कराते रहे | उसके बाद बच्चे की साफा उतारने की आदत है एकदम छूट गई |

 

 

 

दुकानदार चकित रह गया उसने कहा “तथागत आपने यह क्या चमत्कार कर दिया”

 

 

 

बुद्ध बोले हम लोग दिन भर में बच्चों से विषयों बार कहते हैं कि यह मत कर, वह मत कर लेकिन एक बार भी यह नहीं कहते कि यह कर |

 

 

 

बालक कुछ करना चाहता है तुमने देखा जब – जब मैंने तुम्हारे लड़के को कुछ करने को कहा | उसने कितने आनंद के साथ उस काम को किया | दुकानदार ने गौतम बुद्ध के चरणों में गिरकर अपनी भूल स्वीकार कर ली | उस दिन से उसका बिगड़ा बालक सुधर गया |

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