मन में गलत विचार आते हैं तो इसे सुनो 👸🚩Gautam Buddha Story in Hindi | Buddha Story Hindi | Buddhism Story

By | March 6, 2022

एक नगर में रामचरण सेठ नाम का एक धनवान व्यक्ति रहता था | रामचरण सेठ के पास सात पुश्तों के पालन पोषण जितना धन था |

 

 

 

उसका व्यापार चारों तरफ फैला हुआ था किन्तु फिर भी उसका मन अशांत रहता था | कभी घन की सुरक्षा की चिंता, तो कभी व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में आगे निकल जाने का तनाव |

 

 

 

चिंता और तनाव के कारण वह अस्वस्थ रहने लगा | उसके मित्र ने उसकी गिरती दशा देखी तो उसे बुद्ध के पास जाने की सलाह दी |

 

 

 

सेठ बुद्ध के पास पहुंचा और उन्हें अपनी समस्या बताई |

 

 

 

बुद्ध ने उसे सांत्वना देते हुए कहा – तुम घबराओ मत तुम्हारा कष्ट अवश्य दूर हो जाएगा बस कुछ दिन यहां रह कर तुम ध्यान किया करो | बुद्ध के कहे अनुसार सेठ ने रोज ध्यान करना शुरू कर दिया | किंतु सेठ का मन ध्यान में नहीं लगता था | वो जैसे ही ध्यान करने बैठता उसका मन फिर अपनी दुनिया में चला जाता उसने यह बात बुद्ध को बताइ | किंतु बुद्ध ने कोई उपाय नहीं बताया | थोड़ी देर बाद जब सेठ बुद्ध के पास वन में शाम को भ्रमण कर रहा था तो उसके पैरों में एक कांटा चुभ गया | वह दर्द के मारे कराहने लगा |

 

 

 

बुद्ध ने कहा बेहतर होगा कि तुम अपने मन को कड़ा कर काँटे को बाहर निकाल दो | तब इस दर्द से मुक्ति मिल जाएगी |

 

 

 

सेठ ने अपना मन कड़ा कर काँटा बाहर निकाल दिया और उसे चैन मिला तब बुद्ध ने उसे समझाया – ऐसे ही लोभ, मोह, क्रोध, घमंड और द्वेष के कांटे तुम्हारे मन में गड़े हैं |

 

 

जब तक अपने मन की संकल्प शक्ति से उन्हें नहीं निकाल फेंकोगे तब तक अशांत ही रहोगे |

 

 

 

सेठ का अज्ञान भगवान् बुद्ध के इन शब्दों से दूर हो गया और उसने निर्मल हृदय की राह पकड़ ली | अपनी कुप्रवृत्तियों से मुक्ति के लिए संकल्पबद्धता अनिवार्य है |

 

 

जब तक व्यक्ति दृढ़ निश्चय ना कर वो अपनी गलत आदतों से मुक्त नहीं हो सकता |

Leave a Reply

Your email address will not be published.