माँ रोती है – Heart Touching Video Story on Maa by Rohit Kumar

By | May 31, 2019

माँ रोती है – Heart Touching Video Story on Maa by Rohit Kumar

 

एक बच्चे ने अपनी माँ को रोते हुए देखा तो अपने पापा से पूछा कि पापा माँ रोती क्यों है ? इस पर उसके पापा ने जवाब दिया कि सारी औरतें बिना बात के रोती हैं | बच्चे को कुछ समझ ना आया और वो चुप चाप वहाँ से चला गया |

दिन बीतते गए और एक दिन वो बड़ा हुआ | फिर एक दिन उसने भगवान से पूछा कि हे भगवान औरतें बिना बात के क्यों रोती हैं ?

भगवान ने जवाब दिया कि जब मैं औरतों को बना रहा था तो मैंने फैसला किया कि उसे कुछ खास बनाना है |

मैंने उसके कंधे मजबूत बनाए, ताकि वह दुनियादारी का बोझ उठा सके | उसके बाहों को कोमल बनाया ताकि बच्चों को कोमल महसूस करा सके |

मैंने उसे इतनी आत्मशक्ति दी कि वह नए जीव को धरती पर ला सके | मैंने उसे साहसी भी बनाया ताकि वो मुश्किल वक़्त में चट्टान की भाँति खड़ी रह सके, अपने परिजनों का ख्याल रख सके |

मैंने उसे संवेदनशील और विवेकी बनाया ताकि वह सबकी मदद कर सके, उन्हें माफ़ कर सके |

मैंने उसकी आँख में आँसू भी दिए.. ताकि वो अपने दुःख को कम कर सके…!!

यह स्त्री रुपी रचना बहुत अद्भुत है बालक यही हर पुरुष की ताक़त है जो उसे प्रोत्साहित करती है | सभी को खुश देखकर ये भी खुश रहती है | परिस्थिति चाहे कैसी भी हो ये हँसती रहती है |

उसके प्यार में कभी कोई शर्त नहीं है, और उसे किसी से कोई मर्ज़ नहीं है |

एक माँ की बहुत ही दर्द भरी कहानी है कि,
एक लड़के ने अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया और कभी कभार उनसे मिलने वहीं चले जाया करता था ।

एक शाम उसे वृद्धाश्रम से फ़ोन आया कि आपकी माता जी की तबियत बहुत ख़राब है, आप एक बार यहाँ आकर उनसे मिल लीजिये ।

वो लड़का वहाँ गया तो उसने देखा कि उसकी माँ कि हालत बहुत ही गंभीर और दर्दनायक है ।

उसने अपनी माँ से तुरंत पूछा कि माँ मैं आपके लिये क्या कर सकता हूँ ?

तो माँ ने जवाब दिया कि कृपा करके वृद्धाश्रम में पंखे लगवा दे यहाँ एक भी नहीं है और हाँ एक फ्रिज भी रखवा देना ताकि खाना ख़राब ना हो क्योंकि यहाँ कई बार तो मुझे बिना खाए ही सोना पड़ा ।

इतना सब सुनके वो लड़का हैरान हो गया और उसने आश्चर्यचकित होकर पूछा कि माँ, आपको यहाँ इतना समय हो गया आपने कभी शिकायत नहीं की, और अब जब आपके जीवन का कुछ ही समय बचा है तब आप मुझे यह सब बता रही हो । क्यों ?

माँ ने जवाब दिया :- यहाँ ठीक है बेटा, मैंने तो यहाँ गर्मी, भूख और दर्द सब बर्दाश्त तर लिया, लेकिन जब तुम्हारी औलाद तुम्हें यहाँ भेजेगी तो मुझे डर है कि तुम ये सब सह नहीं पाओगे |

दोस्तों एक माँ का दर्द केवल वही जानती है | चाहे आप एक हज़ार जन्म भी क्यों ना लें लेकिन अपनी माँ के उस दर्द को कभी नहीं भाँप पायेंगे | इसलिए अपनी माँ हो या किसी दूसरे की हमेशा उनकी कद्र करना सीखिए | क्योंकि किसी ने कहा भी है कि
कोई भी व्यक्ति एक अच्छी औरत के बिना सफल कभी नहीं हो सकता फिर चाहे वो उसकी पत्नी हो या उसकी माँ | लेकिन अगर उसके पास ये दोनों हैं तो वो वास्तव में धन्य है |

दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि ये स्टोरी आपके दिल को जरूर छूई होगी, इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें क्या पता आपके एक शेयर से कोई बेटा अपनी माँ को वृद्धा आश्रम में ना ले जा के छोड़े |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *