म्रत्यु एक सच्चाई 🛏️ गौतम बुद्ध की प्रेरक कहानियां | Gautam Buddha Story in Hindi | Buddhism Story in Hindi

By | March 5, 2022

एक राजा था | उसे हर घड़ी इस बात का डर लगा रहता था कि कहीं कोई दूसरा राजा उसके राज्य पर हमला करके उसे मार ना डाले |

 

 

वो सुरक्षा का उपाय सोचता लेकिन उसके समझ में कुछ नहीं आता | आखिर एक दिन अचानक उसे एक रास्ता सुझा |

 

 

उसने सोचा कि एक ऐसा महल बनवाया जाए जो चारों ओर से बंद हो | ना उसमें रोशनदान हों, ना दरवाजे हों, ना खिड़कियां | केवल एक दरवाजा हो | ऐसे महाल पर किसी का भी हमला कारगर नहीं होगा |

 

 

इस विचार के आते ही राजा ने काम शुरू करा दिया और कुछ ही महीनों में वो मनचाहा महल बनकर तैयार हो गया |

 

 

जिसने भी उस महल को देखा चकित रह गया |

 

 

उसमें दुश्मन तो क्या एक परिंदा तक नहीं आ सकता था |

 

 

सबने राजा की बुद्धि की पूरी – पूरी प्रशंसा की | राजा को पूरा भरोसा हो गया कि अब उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता |

 

 

संयोग से एक दिन गौतम बुद्ध उस महल को देखने आए | राजा ने बड़े उल्लास से उन्हें सारा महल दिखाया लेकिन बुद्ध के चेहरे पर उसे खुशी नहीं दिखाई दी |

 

 

इस पर राजा ने पूछा – कहो महल कैसा लगा ?

 

 

बुद्ध ने गंभीर होकर कहा – राजन, महल तो अच्छा है लेकिन आपने एक भूल की है |

 

 

राजा ने विस्मय से पूछा – क्या ??

 

 

बुद्ध ने कहा – आपने केवल एक दरवाजा रखा है | इस दरवाजे से दुश्मन तो नहीं आ सकता लेकिन अगर मौत आ गई तब | इस दरवाजे को भी बंद करके अगर आप भीतर बैठ गए होते तो शयद पूरी तरह से सुरक्षा हो जाती |

 

 

बुद्ध के कथन से राजा की आंखें खुल गई | उसने समझ लिया कि बंद महल व्यर्थ है | वो दुश्मन से तो बच सकता है पर मौत से नहीं क्योंकि मौत को आने के लिए किसी दरवाजे की जरूरत नहीं होती |

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