सच्चा संतोष ही सच्चा सुख है 🧘 Gautam Buddha Story in Hindi | Buddha Story in Hindi | Buddhism Story

By | March 5, 2022

एक माली और एक सुनार में दोस्ती थी | माली अपने बगीचे में सुगंधित फूल उगाने के लिए दिन-रात कठोर परिश्रम करता और वहां की भांति की सुगंध पैदा कर देता | उसे अपने उधान पर गर्व था |

 

 

एक दिन उस माली ने अपने दोस्त सुनार से कहा – क्या अपनी दुकान पर बैठे टुकटुक करते रहते हो | एक दिन मेरे बगीचे में आओ | भांति – भांति की सुगंध का साक्षात्कार करोगे तो तबीयत बागबाग हो जाएगी |

 

 

सुनार बोला तुम मेरे दोस्त हो मैं जरूर आऊंगा |

 

 

एक दिन वो सुनार बगीचे में पहुंच गया | उसके हाथ में सोने को कसने की कसौटी थी | वो एक – एक फूल को अपनी कसौटी पर कस कर देखता और निराश होकर रख देता |

 

 

सुनार को बगीचे में मजा नहीं आ रहा था | माली को भी अच्छा नहीं लगा | उसने सोचा मैंने किस पागल को निमंत्रण दिया है |

 

 

इसके बाद सुनार ने माली को अपनी दुकान पर आने का निमंत्रण दिया |

 

 

माली ने आमंत्रण मंजूर कर लिया | वो अपने दोस्त सुनार की दुकान पर पहुंच गया | वो हर एक जेवर को उठा उठाकर सूँघता और निराश होकर रख देता |

 

 

संभवत : वो सोने में सुगंध खोज रहा होगा | उसे उतनी ही निराशा हाथ लगी जितनी की सुनार को बगीचे में लगी थी |

 

 

वास्तव में हम सब सुनार और माली ही तो हैं | जीवन में सुख – संतोष खोजने की हमारी अलग-अलग कसौटियाँ हैं |

 

 

कठिनाई यह है कि हम सब फूलों को सोने की कसौटी पर कसते हैं और सोने में सुगंध खोजते हैं |

 

 

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