😴रात को सुकून की नींद चाहते हो तो इसे ज़रूर सुनना🛌🏾 Gautam Buddha Moral Story Hindi | Buddhist Story in Hindi

By | February 15, 2022

बहुत समय पहले की बात है किसी नगर में एक सेठ जी रहते थे | उनके पास अपार संपत्ति थी | लंबी – चौड़ी हवेली थी | नौकर – चाकरों की सेना थी | भरा पूरा परिवार था | कुल मिलाकर सब तरह की सुख – सुविधाएं थी लेकिन एक दुख भी था |

 

 

 

सेठ को रात में नींद नहीं आती थी | कभी आंख लग भी जाती तो भयंकर सपने आते | सेठ को बड़ी बेचैनी रहती | उन्होंने बहुत इलाज कराया लेकिन रोग घटने की बजाय बढ़ता ही गया |

 

 

 

एक दिन अपने शिष्यों के साथ भगवान बुद्ध उस नगर में आए | सेठ जी को पता लगा तो वह भी उनके पास गए और अपनी विपदा उन्हें कह सुनाई |

 

 

 

भंते, जैसे भी हो मेरा कष्ट दूर कर दीजिए |

 

 

 

बुद्ध ने कहा : सेठ जी, आपके रोग का एक ही कारक है और वह यह है कि आप अपंग हैं |

 

 

 

सेठ ने आश्चर्य से उनकी और देखा और पूछा कि आप मुझे अपंग कैसे कह सकते हैं ? यह देखिए मेरे अच्छे खासे हाथ – पैर हैं |

 

 

 

बुद्ध ने हंसकर कहा अपंग वो नहीं होता जिसके हाथ पैर नहीं होते बल्कि अपंग तो वो होता है जो हाथ – पैर के होते हुए भी उनका उपयोग नहीं करता |

 

 

 

बोलो शरीर से तुम कितना काम करते हो ?

 

 

 

सेठ क्या जवाब देता..!! वह तो हर छोटे बड़े काम के लिए नौकर पर निर्भर रहा करता था |

 

 

 

बुद्ध ने कहा अगर तुम अपने रोग से बचना चाहते हो तो हाथ पैर से इतनी मेहनत करो कि वह थक कर चूर हो जाएं | तुम्हारी बीमारी दो दिन में ठीक हो जाएगी |

 

 

 

सेठ ने यही किया | बुद्ध की बात सही निकली | दूसरे दिन सेठ को बहुत अच्छी नींद आई | उसने भगवान बुद्ध का धन्यवाद किया और उस दिन से वह सेठ रोज काम करने लगा |

 

 

 

दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि चाहे आपके पास कितना भी धन – ऐश्वर्य क्यों ना हो हमें अपने छोटे-मोटे काम तो स्वयं ही करना चाहिए | वीडियो अगर पसंद आया तो लाइक जरूर करें और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें धन्यवाद |

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