2018 CHANAKYA NITI IN HINDI | Best Thoughts Of Chanakya दुनिया की सच्चाई बताने वाले Acharya Chanakya

By | August 29, 2018

2018 CHANAKYA NITI IN HINDI | Best Thoughts Of Chanakya दुनिया की सच्चाई बताने वाले Acharya Chanakya

Chanakya Quotes and Thoughts in Hindi

Quote 1 : दुष्ट पत्नी, झूंठा मित्र, बदमाश नौकर, और सर्प के साथ निवास साक्षात मृत्यु के सामान है – चाणक्य (Chanakya)

Quote 2 : भविष्य में आने वाली मुसीबतों के लिए धन एकत्रित करें, ऐसा न सोचें कि धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी ? क्योंकि जब धन साथ छोड़ता है तो अपने पास का धन भी तेजी से घटने लगता है – चाणक्य (Chanakya)

Quote 3 : पुत्र वही है जो पिता का कहना मानता हो, पिता वही है जो पुत्र का पालन – पोषण करे, मित्र वही है जिस पर आप विश्वास कर सकते हों और पत्नी वही है जिसे सुख प्राप्त हो – चाणक्य (Chanakya)

Quote 4 : ऐसे लोगों से बचें जो आपके मुह पर तो मीठी बातें करते हैं, लेकिन आपके पीठ पीछे आपको बर्बाद करने की योजना बनाते हैं, ऐसा करने वाले उस विष के सामान हैं जिसकी उपरी सतह दूध से भरी है – चाणक्य (Chanakya)

quote 5 : मन में सोचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट न करें बल्कि मनन पूर्वक उसकी सुरक्षा करते हुए उसे कार्य में परिणत कर दें – चाणक्य (Chanakya)

Quote 6 : मुर्खता दुखदाई है, जवानी भी दुखदाई है, लेकिन इन सबसे कहीं ज्यादा दुखदाई किसी दुसरे के घर जाकर उसका अहसान लेना है – चाणक्य (Chanakya)

Quote 7 : लाड प्यार से बच्चों में गलत आदतें ढलती हैं, उन्हें कड़ी शिक्षा देने से वे अच्छी आदतें सीखते हैं, इसलिए बच्चों को जरूरत पड़ने पर दण्डित करें, ज्यादा लाड न करें – चाणक्य (Chanakya)

Quote 8 : जो व्यक्ति दुराचारी और बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है वो शीघ्र नष्ट हो जाता है – चाणक्य (Chanakya)

Quote 9 : एक दुर्जन और एक सर्प में यह अंतर है कि सांप तभी डंक मारेगा जब उसकी जान को खतरा हो लेकिन दुर्जन पग – पग पर हानि पंहुचाने की कोशिश करेगा – चाणक्य (Chanakya)

Quote 10 : राजा लोग अपने आसपास अच्छे कुल केलोगों को इसलिए रखते हैं क्योंकि ऐसे लोग न आरम्भ में, न बीच में, और न ही अंत में साथ छोड़ कर जाते हैं – चाणक्य (Chanakya)

Quote 11 : जब प्रलय का समय आता है तो सुमद्र भी अपनी मर्यादा को छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते हैं लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति एवम विपत्ति में भी अपनी मर्यादा नहीं बदलते – चाणक्य (Chanakya)

Quote 12 : अत्यधिक सुन्दरता के कारण सीता हरण हुआ, अत्यधिक घमंड के कारण रावण का अंत हुआ, अत्यधिक दान देने के कारण राजा बलि को बंधन में बंधना पड़ा अतः सर्वत्र अति को त्यागना चाहिए – चाणक्य (Chanakya)

Quote 13 : जिस तरह सारा वन एक ही पुष्प एवम सुगंध भरे वृक्ष से महक जाता है उसी तरह गुडवान पुत्र पूरे कुल का नाम बढ़ाता है – चाणक्य (Chanakya)

Quote 14 : विद्वान् और सदाचारी एक ही पुत्र के कारण सम्पूर्ण परिवार वैसे ही खुश रहता है जैसे चन्द्रमा के निकलने पर रात्री जगमगा उठती है – चाणक्य (Chanakya)

 

Quote 15 : अनेक व्यक्ति जो एक ही गर्भ से पैदा हुए हैं या एक ही नक्षत्र में पैदा हुए हैं वे एक से नहीं रहते उसी प्रकार जैसे बेर के झाड के सभी बेर एक से नहीं रहते – चाणक्य (Chanakya)

Quote 16 : दान गरीबी को ख़त्म करता है, अच्छा आचरण दुःख को मिटाता है, विवेक अज्ञान को नष्ट करता है, जानकारी भय  समाप्त करती है – चाणक्य (Chanakya)

Quote 17 : वासना के सामान दुष्कर कोई रोग नहीं, मोह के सामान कोई शत्रु नहीं, क्रोध के सामान अग्नि नहीं, स्वरुप ज्ञान के सामान कोई बोध नहीं – चाणक्य (Chanakya)

Quote 18 : समुंद्र में होने वाली वर्षा व्यर्थ है, जिसका पेट भरा हुआ है उसके लिए अन्य व्यर्थ है| पैसे वाले आदमी ले लिए भेंट वास्तु का कोई अर्थ नहीं दिन के सामान जलता दिया भी व्यर्थ है – चाणक्य (Chanakya)

दोस्तों ये कुछ quotes थे जो आचार्य chanakya द्वारा बोले गए हैं, मैं उम्मीद करता हूँ की ये सारे quotes आपको जरुर पसंद आये होंगे | इस पोस्ट को like करें अपने विचार मुझे comment में बताएं and ऐसे ही और भी motivational और inspirational quotes और stories के लिए आप हमारे blog को सब्सक्राइब भी कर सकते हैं|

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Picture Credit : Google Image

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