Bhagwat Geeta Quotes | श्री कृष्ण के अनमोल वचन | Life Lessons From Bhagwat Geeta

By | September 21, 2018

Bhagwat Geeta Quotes | श्री कृष्ण के अनमोल वचन | Life Lessons From Bhagwat Geeta

Quote 1. सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में  है ना ही कहीं और |

Quote 2. क्रोध से  भ्रम  पैदा होता है. भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है. जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है. जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है |

Quote 3. मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है; और लगातार तुम्हे बस एक साधन की तरह प्रयोग कर के सभी कार्य कर रही है |

Quote 4. ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, वही सही मायने में  देखता है |

Quote 5. काम, क्रोध और लोभ ये जीव को नरक की ओर ले जाने वाले तीन द्वार हैं |

Quote 6. मन  अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है |

Quote 7. लोग आपके अपमान के बारे में हमेशा बात करेंगे. सम्मानित व्यक्ति के लिए, अपमान मृत्यु से भी बदतर है |

Quote 8. उससे मत डरो जो वास्तविक नहीं है, ना कभी था ना कभी होगा.जो वास्तविक है, वो हमेशा था और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता |

Quote 9.  किसी और का काम पूर्णता से करने से कहीं अच्छा है कि अपना काम करें, भले ही उसे अपूर्णता से करना पड़े |

Quote 10. आप उसके लिए शोक करते हो जो शोक करने के योग्य नहीं हैं, और फिर भी ज्ञान की बाते करते हैं बुद्धिमान व्यक्ति ना तो जीवित और ना ही मृत व्यक्ति के लिए शोक करते हैं |

Quote 11. बुरे कर्म करने वाले, सबसे नीच व्यक्ति जो  राक्षसी प्रवित्तियों से जुड़े हुए हैं, और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयास नहीं करते |

Quote 12. केवल मन ही किसी का मित्र और शत्रु होता है और मैं सभी प्राणियों के ह्रदय में विद्यमान हूँ |

Quote 13. जो होने वाला है वो होकर ही रहता है और जो नहीं होने वाला वह कभी नहीं होता . ऐसा निश्चय जिनकी बुद्धि में होता है उन्हें चिंता कभी नहीं सताती |

Quote 14. निद्रा, भय, चिंता, दुःख, घमंड आदि दोष तो रहेंगे ही, दूर हो ही नहीं सकते ऐसा मानने वाले मनुष्य कायर |

Quote 15. सत्य की भूख सबको है, पर जब सत्य परोसा जाता है तो बहोत काम लोगों को इसका स्वाद पसंद आता है |

Quote 16. मेरे लिए ना कोई घृणित  है ना प्रिय, किन्तु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं, वो मेरे साथ हैं और मैं भी उनके साथ हूँ |

Quote 17. भय, रोग, द्वेष और आसक्ति से रहित मनुष्य ही इस लोक और परलोक में सुख पाते है |

Quote 18. “मैं करता हूँ ” ऐसा भाव उत्पन्न होता है इसको ही तो “अहंकार” कहते हैं |

Quote 19. मन, वाणी और कर्म से किसी को भी दुःख न देना, प्रिय भाषण, अपना बुरा करने वाले पर भी क्रोध न करना यही एक अच्छे मानव की निशानी है |

Quote 20. दैवीय सम्प्रदा मुक्ति की तरफ और आसुरी सम्प्रदा नर्क की ओर ले जाने वाली है |

और अंत में श्री कृष्ण जी कहते हैं कि,

मनुष्य कितना मुर्ख है,

प्रार्थना करते हुए समझता है कि भगवान् सब कुछ सुन रहा है, पर निंदा करते हुए ये भूल जाता है|

पुण्य करते हुए यह समझता है कि भगवान देख रहा है, पर पाप करते समय ये भूल जाता है |

दान करते हुए यह समझता है कि भगवान सबमे बसता है, पर चोरी करते समय ये भूल जाता है |

प्रेम करते हुए यह समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है, पर नफरत करते हुए ये भूल जाता है….. और हम कहते हैं कि मनुष्य सबसे बुद्धिमानी प्राणी है |

कदर किरदार की होती है, वरना कद में तो साया भी इंसान से बड़ा होता है |

  • कुछ और महत्वपूर्ण Quotes :-

1. जीवन में प्रगति के साथ हम अपनी योग्यताओं की सीमाओं से अवगत होते जाते हैं – Fronse

2. यदि अवसर का लाभ ना उठाया जाए, तो योग्यता का कोई मूल्य नहीं होता – Nepolean

3.  अनुपस्थिति लघु वासनाओं को कम कर देती है तथा महान वासनाओं को बढ़ा देती है, जिस प्रकार हवा मोमबत्ती को बुझा देती है और अग्नि को प्रजवल्लित  कर देती है – La Ro Chefoucauld

4. अनुपस्थिति प्रेम की मृत्यु का हेतु बनती है – Pedro Celderon

5. अनुपस्थिति ह्रदय को अधिक आशक्त बना देती है – T. H. Bayey

6. यह एक सामान्य बात है कि अनुपस्थित व्यक्ति कान में पड़ने वाली भनक से यह समझ जाते हैं कि उनके बारे में बातें की जा रही हैं – Pliny The Elder

7. भोजन की थाली ( मेंज ) पर सदैव भूखे उठो, बिना भूख के तुम भोजन करने के लिए कभी नहीं बैठोगे – Penn

9. यह मनुष्य का स्वभाव है कि वह सोचता है तो एक ज्ञानी की भाँती, परन्तु आचरण मूर्खतापूर्ण पद्धति पर करता है – Anatole France

10. अपशब्द कहना ( गाली देना ) अप्रतक्ष्य रूप से सम्मान करना है – Edmund Burke

11. जितनी ही अधिक शक्ति होगी होगी, उसका दुरूपयोग उतना ही अधिक भयावह ( खतरनाक ) होगा – Edmund Burke

12. यदि तुम गाली की ओर ध्यान नहीं दोगे, तो वह क्रमश : नष्ट हो जायेगी, परन्तु यदि तुम उसको सुनकर चिढ़ते हो तो यह समझा जायेगा कि तुम उसके योग्य हो – Tacitus

13. दुर्घटना नाम की कोई वस्तु नहीं होती है, जिसे हम दुर्घटना कहते हैं, वह वस्तुतः एक ऐसे कारण का कार्य ( प्रभाव ) है जिसको हम देख नहीं पाते – F.M. Voltaire

14. अंतिम विश्लेषण में तुम अपनी उपलब्धियों द्वारा अपनी सफलता का आकलन मत करो, बल्कि यह विचार करो कि अपनी योग्यता द्वारा तुम क्या उपलब्ध कर सकते थे ? – Cliare Staples Lewis

15. मैं अपने उस दिन को व्यर्थ समझता हूँ जिस दिन मैं किसी नए व्यक्ति से परिचित नहीं करता हूँ – Samuel Johnson

16. जीवन कला परिचितों की संख्या कम रखने में है. व्यक्ति मित्रों को तो संभाल सकता है, परन्तु परिचित व्यक्ति पिशाच सिद्ध हो सकते हैं – E. Lucan

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Picture Credit : Google Image

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